*जानिये Olympic games के बारे में पूरी जानकारी ! (Olympic games history in hindi)*

Olympic games history in hindi


जानिये Olympic games के बारे में पूरी जानकारी ! (Olympic games history in hindi)


Olympic games history in hindi के इस लेख में हम जानेंगे कि Olympic खेल की शुरुआत कब और कहाँ हुई? ओलंपिक खेल की शुरुआत ग्रीस में हुई थी। इसकी शुरुआत ग्रीस के महान राजा इफिस्तस ने 776 ई.पू. में की थी। इस खेल में दौड़, दांव पर कूदना, लड़ाई, गेंदबाजी, व्यायाम और कुश्ती जैसे कुछ खेल खेले जाते थे। इन खेलों के विजेता को स्वर्ण, दूसरे को चांदी और तीसरे को पीतल का मेडल मिलता था।


ग्रीस में ओलंपिक खेल 12 साल के अंतराल के बाद होते थे। इन खेलों के दौरान आम जनता को कोई प्रवेश नहीं था और सिर्फ ग्रीस के नागरिक ही इसमें हिस्सा ले सकते थे। इसके अलावा, इन खेलों में खिलाड़ियों के सिर पर ताज पहनाकर विजेता की घोषणा की जाती थी।


इन खेलों की प्रतियोगिता बहुत ही उत्साहवर्धक थी और इन्हें समाज का एक महत्वपूर्ण अंग माना जाता था। इन खेलों को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य था कि लोग खेलों में भाग लें और एक दूसरे से मिलकर इन खेलों को सफल बनाएं। आज ओलंपिक खेल दुनिया भर में बहुत ही लोकप्रिय हैं। 


    आधुनिक Olympic खेल  

आधुनिक ओलंपिक खेल विश्व के सबसे बड़े खेल हैं जो हर चार साल में आयोजित किए जाते हैं। इन खेलों में विभिन्न देशों से खिलाड़ियों का आमना-सामना होता है जो अपने क्षेत्र में एक्सपर्ट होते हैं।


आधुनिक ओलंपिक खेल की शुरुआत 1896 में यूनान के अथेंस में हुई थी। इससे पहले ग्रीस में ओलंपिक खेल का आयोजन होता था जो कि इस तरह के खेलों की शुरुआत है। आधुनिक ओलंपिक खेल में कुश्ती, वर्गीय नृत्य, हॉकी, टेनिस, बैडमिंटन, फुटबॉल, बॉक्सिंग, बास्केटबॉल, एथलेटिक्स और विभिन्न विविध खेल खेले जाते हैं।


ओलंपिक खेल में खिलाड़ियों को स्वर्ण, चांदी और कांस्य के मेडल दिए जाते हैं। इन मेडलों को खिलाड़ियों को उनकी प्रतिभा के आधार पर दिए जाते हैं जो उन्होंने अपने खेल के क्षेत्र में प्रदर्शित की है।


आधुनिक ओलंपिक खेल अब एक बहुत बड़े स्तर पर होते हैं जिसमें लाखों लोग भाग लेते हैं और विभिन्न देशों के बीच खेले जाते हैं.


 Olympic में टोटल कितने गेम होते हैं?

ओलंपिक खेल में कुल 33 खेल होते हैं, जो विभिन्न श्रृंखलाओं में खेले जाते हैं। इनमें से कुछ खेल अन्य खेलों से अलग होते हैं, जैसे कि एथलेटिक्स, जिसमें दौड़, उछाल कूद और विविध प्रकार के गतिविधियां शामिल होती हैं। वहीं कुछ खेल टीम के बीच खेले जाते हैं जैसे कि हॉकी, बास्केटबॉल और फुटबॉल। इन खेलों में दुनिया भर के खिलाड़ी भाग लेते हैं और इनमें से कुछ खेल बहुत लोकप्रिय होते हैं।

Olympic history in hindi



    Olympic खेलों का उद्देश्य क्या है ? 

ओलंपिक खेलों का उद्देश्य सभी देशों के खिलाड़ियों को एक साथ आने का मंच देना है ताकि वे एक-दूसरे से मिलकर एक दूसरे को समझ सकें और अन्य देशों के खिलाड़ियों से भी मिल सकें। यह एक महत्वपूर्ण विविधता का मंच है, जो अधिकांश लोगों को एकता का अनुभव देता है। इसके साथ ही, ओलंपिक खेलों का उद्देश्य अभिवृद्धि के साथ खेलकूद में अधिक महत्वपूर्ण चीजों के विकास में भी है। इससे विभिन्न खेलों में नए नए तकनीकों का विकास होता है और खिलाड़ियों को अधिक स्तर पर उनकी क्षमताओं का अनुभव होता है।


इसके अलावा, ओलंपिक खेलों का एक और उद्देश्य है कि इन खेलों के माध्यम से लोगों को खेलकूद की अहमियत के बारे में जागरूक कराया जाए ताकि वे स्वस्थ और फिट रह सकें। इससे लोगों की स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा मिलता है और यह दुनिया के लोगों के लिए एक अच्छा उदाहरण है।


भारत में ऑलंपिक खेलों का आयोजन कितनी बार हुआ ? 

भारत में ओलंपिक खेलों का आयोजन पहली बार 1900 में हुआ था, जब ब्रिटिश इंडिया टीम में शामिल खिलाड़ियों ने इसमें हिस्सा लिया था। उन खिलाड़ियों में नवाब सलीमुल्लाह और लाला अमरनाथ जैसे प्रसिद्ध खिलाड़ी भी थे। भारत ने अपने खिलाड़ियों के साथ पहली बार 1920 में एंटीवर्प ओलंपिक खेलों में हिस्सा लिया था।


अब तक भारत ने कुल 24 बार ओलंपिक खेलों में हिस्सा लिया है। भारत के खिलाड़ियों ने अपनी उपलब्धियों के माध्यम से देश का मान बढ़ाया है। भारतीय खिलाड़ियों ने ओलंपिक में कुल 28 मेडल जीते हैं, जिनमें से 9 स्वर्ण, 7 चांदी और 12 कांस्य हैं।


भारतीय खिलाड़ियों में महिला खिलाड़ियों ने भी अपने दम पर देश का नाम रोशन किया है। करणम मलेश्वरी, साक्षी मलिक, मीरा बाई चानू और पीवी सिंधु जैसी महिला खिलाड़ियां ने ओलंपिक में भारत के लिए मेडल जीता है।


Olympic खेलों में भारत के किन-किन खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदक जीता है ?

ओलंपिक खेल एक महान खेल आयोजन है जिसमें दुनिया भर से अधिकांश देशों के खिलाड़ी भाग लेते हैं। भारत के खिलाड़ी भी ओलंपिक खेल में अपनी कला दिखाते हुए देश का मान बढ़ाते हैं। अब तक, भारत के कुल 28 खिलाड़ी ने ओलंपिक खेल में स्वर्ण पदक जीता है।


भारत के पहले स्वर्ण पदक विजेता कैसरीलाल ठाकुर ने 1952 के हेलसिंकी ओलंपिक में वेटलिफ्टिंग में स्वर्ण पदक जीता था। उन्हें देश का सबसे पहला ओलंपिक मेडल जीतने वाला खिलाड़ी के रूप में याद किया जाता है।


महान बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु भी दो स्वर्ण पदक जीतने वाली खिलाड़ी हैं। उन्होंने 2016 रियो और 2021 टोक्यो ओलंपिक में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता।


कुल मिलाकर भारत के अभिमान के लिए एक से ज्यादा ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतने वाले कुछ अन्य खिलाड़ी हैं, जैसे कि हॉकी खिलाड़ी बालमुकुंद सिंह और लेग स्पिनर भगवत चंद्र प्रसाद। इसके अतिरिक्त भारत के श्रेष्ठ खिलाडियों में अभिनव बिंद्रा का नाम भी प्रमुख रूप से है। 

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